सूर्य ग्रहण और चन्द्र ग्रहण कैसे और कब लगता है? आइए समझते हैं।
ग्रहण ( Eclipses ) क्या है ? – ग्रहणों का घटित होना प्रकाश किरणों के ऋजुरेखीय संचरण पर आधारित है। ग्रहण दो प्रकार के होते हैं – सूर्य ग्रहण ( Solar Eclipse ) तथा चन्द्र ग्रहण ( Lunar Eclipse )
सूर्य ग्रहण ( Solar Eclipse ) – जब कभी चन्द्रमा, जो एक अदीप्त पिण्ड है, सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है तब चन्द्रमा की छाया पृथ्वी पर पड़ने लगती है अर्थात पृथ्वी के इस भाग में सूर्य का प्रकाश नहीं पहुंचता है। अतः पृथ्वी के इस भाग में रहने वाले लोग सूर्य को नहीं देख पाते हैं। इस प्रकार पृथ्वी के इस भाग में ‘ सूर्य ग्रहण ‘ पड़ जाता है। सूर्य ग्रहण की घटना अमावस्या के दिन होता है।
चन्द्र ग्रहण ( Lunar Eclipse ) – चन्द्रमा स्वयं प्रदीप्त नहीं है। यह अपने ऊपर सूर्य का प्रकाश पड़ने के कारण चमकता है। जब कभी पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है तब चन्द्रमा पृथ्वी की छाया में पड़ता है अर्थात सूर्य का प्रकाश चन्द्रमा पर नहीं पड़ता है जिससे चन्द्रमा दिखाई नहीं देता है। यही ‘ चन्द्र ग्रहण ‘ है , यह चन्द्र ग्रहण की घटना पूर्णिमा के दिन घटित होता है।









