बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली प्रमुख नदियों के नाम एवं उन नदियों से जुड़े महत्वपूर्ण जानकारी :
(1.) महानदी – महानदी छत्तीसगढ़ के सिहावा की पहाड़ी श्रेणी के दक्षिण में धमतरी जिले में सिहावा के नजदीक 40 मीटर की ऊंचाई से निकलती है और ज्यादातर ओडिशा में बहती हुई 857 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए ओडीशा के कटक के निकट बंगाल की खाड़ी में गिरती है। हीराकण्ड बाॅंध महानदी पर ही बना हुआ है।
(2.) तुंगभद्रा नदी : तुंगभद्रा नदी का उद्गम स्थल कर्नाटक में पश्चिमी घाट के पहाड़ी की गंगमूल चोटी से तुंगा नदी और नजदीक में स्थित काडूर से भद्रा नदी के रूप में होती है। जब इन दोनों नदियों का शिमोगा जिले में कुदाली नामक स्थान पर मिलन होता है, तब इसका नाम तुंगभद्रा नदी पड़ जाता है। तुंगभद्रा नदी कृष्णा नदी की सहायक नदी है।
(3.) पेन्नार नदी : पेन्नार नदी बंगलुरू जिले से निकलकर आन्ध्र प्रदेश के अनन्तपुर जिले के मध्य तक उत्तर दिशा की तरफ बहती है तथा इसके बाद एक बड़ा मोड़ बनाती हुई पूरब की ओर बहती है तथा वेलीकोण्डा श्रेणी को पार करके बंगाल की खाड़ी में गिर जाती है।
(4.) कावेरी नदी : कावेरी नदी का उद्गम स्थल पश्चिमी घाट ब्रह्मगिरी के पहाड़ियों में कुर्ग है। कावेरी नदी कर्नाटक और तमिलनाडु राज्य में बहती हुई कावेरीपत्तनम के निकट आकर बंगाल की खाड़ी में गिरती है। वर्तमान में कावेरी नदी के जल बॅंटवारे को लेकर कर्नाटक, तमिलनाडु और पुडुचेरी के बीच विवाद भी चल रहा है।
(5.) कृष्णा नदी : इस नदी का उद्गम महाबलेश्वर के निकट एक झरना से है, जो मुम्बई से करीब 80 किलोमीटर दूर स्थित है। कृष्णा नदी, बंगाल की खाड़ी में गिरने से पहले अपने उद्गम स्थल से मुहाने तक महाराष्ट्र, कर्नाटक तथा आन्ध्र प्रदेश में 1,400 किलोमीटर की यात्रा करती है।
(6.) गोदावरी नदी : गोदावरी नदी प्रायद्वीपीय पठार की सबसे बड़ी नदी है। इसका उद्गम स्थान महाराष्ट्र के नासिक जिले के दक्षिण-पश्चिम में है। गोदावरी नदी बील नामक झील से होकर बहती हुई महाराष्ट्र पठार तथा बाद में आन्ध्र प्रदेश में तेलंगाना पठार के पूर्व से होती दक्षिण-पूर्व की ओर प्रवाहित होते हुए बंगाल की खाड़ी में गिरती है। गोदावरी नदी का 50 प्रतिशत भाग महाराष्ट्र में तथा शेष कर्नाटक, ओडिशा तथा आन्ध्र प्रदेश में है। यह नदी विशाल आकार के होने के कारण इसे प्रायः ‘ वृद्ध गंगा ‘ या ‘ दक्षिणी गंगा ‘ के नाम से जानी जाती है।








