• संविधान की आठवीं अनुसूची में क्षेत्रीय भाषाओं का उल्लेख किया गया है।
• भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में 22 भाषाऍं हैं।
• भारतीय संविधान के 8वीं अनुसूची में कुल 22 भाषाऍं निम्न हैं – 1. असमिया, 2. बांग्ला, 3. गुजराती, 4. हिन्दी, 5. कन्नड, 6. कश्मीरी, 7. मलयालम, 8. मराठी, 9. उड़िया, 10. पंजाबी, 11. संस्कृत, 12. तमिल, 13. तेलुगू, 14. उर्दू, 15. सिंधी, 16. कोंकणी, 17. मणिपुरी, 18. नेपाली, 19. बोडो, 20. डोगरी, 21. मैथिली, 22. संथाली
• सिंधी भाषा को 21वाॅं संशोधन द्वारा 1967 ई. में जोड़ा गया।
• कोंकणी , मणिपुरी और नेपाली भाषाओं को 71वाॅं संशोधन द्वारा 1992 ई. में जोड़ा गया।
• बोडो , डोगरी, मैथिली और संथाली भाषाओं को 92वाॅं संविधान संशोधन द्वारा 2003 ई. में जोड़ा गया।
• भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343-351 में राजभाषा संबंधी प्रावधानों का उल्लेख है।
• भारत का राजभाषा हिन्दी है।
• भारतीय संघ की आधिकारिक भाषा के रूप में संविधान द्वारा हिन्दी भाषा को मान्यता प्राप्त है।
• संविधान के अनुच्छेद-343 ( i ) के अंतर्गत हिन्दी को राजभाषा के रूप में दर्जा प्रदान किया गया है।
• किसी भाषा को किसी राज्य की राजभाषा के रूप में अंगीकार करने का अधिकार संबंधित राज्य के राज्य विधानमंडल को होता है।
• सिंधी भाषा को संवैधानिक रूप से 21वाॅं संविधान संशोधन द्वारा संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल किया गया।
• भारतीय संविधान के अनुच्छेद – 344 के तहत प्रथम राजकीय भाषा आयोग का गठन 1955 ई. में बी. जी. खेर की अध्यक्षता में की गई थी।
• 1955 ई. में गठित राजभाषा आयोग के प्रथम अध्यक्ष बी. जी. खेर थें।
• संविधान संशोधन 92वाॅं के द्वारा भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में बोडो, डोगरी, संथाली और मैथिली भाषाओं का समावेश किया गया।
• जम्मू-कश्मीर का प्रथम राजभाषा का दर्जा उर्दू भाषा को प्रदान किया गया है।
• भारतीय संविधान में 22 भाषाऍं क्षेत्रीय भाषाओं के रूप में मान्यता प्राप्त है।
• बोडो, डोगरी, संथाली और मैथिली भाषा को 2003 ई. में 92वाॅं संविधान संशोधन द्वारा संविधान के 8वीं अनुसूची में जोड़ा गया।
• भारतीय संविधान के 21वें संशोधन के द्वारा कोंकणी, मणिपुरी, और नेपाली भाषाओं को आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया है।