Jharkhand Teacher Eligibility Test (JTET) 2026 झारखंड में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण पात्रता परीक्षा है। JTET के माध्यम से कक्षा 1 से 5 और कक्षा 6 से 8 तक शिक्षक पद के लिए आवश्यक शिक्षक पात्रता निर्धारित की जाती है। परीक्षा का आयोजन Jharkhand Academic Council (JAC) द्वारा किया जाता है।
JTET 2026 की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए परीक्षा पैटर्न, विषयवार सिलेबस, भाषा विकल्प और प्रश्नों की संख्या को समझना जरूरी है। इस लेख में JTET 2026 Syllabus और Exam Pattern की पूरी जानकारी दी गई है।
JTET 2026 क्या है?
JTET का पूरा नाम Jharkhand Teacher Eligibility Test है। यह झारखंड में शिक्षक पात्रता निर्धारित करने वाली परीक्षा है। JTET में दो पेपर होते हैं।
- Paper 1 कक्षा 1 से 5 तक शिक्षक बनने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए होता है।
- Paper 2 कक्षा 6 से 8 तक शिक्षक बनने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए होता है।
जो अभ्यर्थी कक्षा 1 से 8 तक शिक्षक बनने की पात्रता प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें संबंधित दोनों पेपर की पात्रता शर्तों के अनुसार परीक्षा देनी पड़ सकती है।
JTET 2026 Exam Pattern
JTET Paper 1 और Paper 2 दोनों में कुल 150 अंक निर्धारित हैं। प्रश्नपत्र में अलग-अलग विषयों से बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं।
JTET Paper 1 Exam Pattern
Paper 1 प्राथमिक स्तर यानी कक्षा 1 से 5 के लिए है।
| विषय | प्रश्न | अंक |
|---|---|---|
| बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र | 30 | 30 |
| भाषा-1 | 30 | 30 |
| भाषा-2 | 30 | 30 |
| गणित | 30 | 30 |
| पर्यावरण अध्ययन | 30 | 30 |
| कुल | 150 | 150 |
Paper 1 में बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा, गणित और पर्यावरण अध्ययन से प्रश्न पूछे जाते हैं।
JTET Paper 2 Exam Pattern
Paper 2 उच्च प्राथमिक स्तर यानी कक्षा 6 से 8 के लिए है।
| विषय | अंक |
|---|---|
| बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र | 30 |
| भाषा-1 | 30 |
| भाषा-2 | 30 |
| गणित एवं विज्ञान या सामाजिक अध्ययन/सामाजिक विज्ञान | 60 |
| कंप्यूटर ज्ञान | 10 |
| कुल | 150 |
Paper 2 में अभ्यर्थी के विषय के अनुसार गणित एवं विज्ञान अथवा सामाजिक अध्ययन/सामाजिक विज्ञान से संबंधित प्रश्नों की तैयारी करनी होती है।
JTET 2026 Paper 1 Syllabus
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र JTET Paper 1 का महत्वपूर्ण भाग है। इसमें बाल विकास, अधिगम और शिक्षण प्रक्रिया से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।
मुख्य विषय:
- बाल विकास की अवधारणा
- विकास और अधिगम का संबंध
- बाल विकास के सिद्धांत
- व्यक्तिगत भिन्नता
- बुद्धि और व्यक्तित्व
- अधिगम की अवधारणा
- अधिगम के सिद्धांत
- प्रेरणा
- बाल-केंद्रित शिक्षा
- समावेशी शिक्षा
- विशेष आवश्यकता वाले बच्चे
- मूल्यांकन और आकलन
- सीखने में कठिनाइयां
- उपचारात्मक शिक्षण
- शिक्षक की भूमिका
भाषा-1
भाषा-1 में भाषा की समझ और भाषा शिक्षण से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।
मुख्य विषय:
- अपठित गद्यांश
- अपठित पद्यांश
- भाषा-बोध
- शब्द ज्ञान
- व्याकरण
- भाषा कौशल
- सुनना
- बोलना
- पढ़ना
- लिखना
- भाषा अधिगम
- भाषा शिक्षण की विधियां
- भाषा संबंधी कठिनाइयां
- उपचारात्मक शिक्षण
भाषा-2
भाषा-2 में चुनी गई भाषा की समझ और उसके शिक्षण से संबंधित प्रश्न शामिल होते हैं।
मुख्य विषय:
- अपठित पाठ
- भाषा-बोध
- व्याकरण
- शब्दावली
- भाषा कौशल
- भाषा अधिगम
- संप्रेषण
- भाषा शिक्षण विधियां
- शिक्षण-अधिगम सामग्री
- भाषा संबंधी समस्याएं
गणित
JTET Paper 1 में गणित के प्रश्न प्राथमिक स्तर की अवधारणाओं पर आधारित होते हैं।
मुख्य विषय:
- संख्या पद्धति
- जोड़
- घटाव
- गुणा
- भाग
- भिन्न
- दशमलव
- मापन
- समय
- धन
- ज्यामिति
- आकृतियां
- क्षेत्रफल
- परिमाप
- पैटर्न
- आंकड़े
- गणितीय समस्याएं
- गणित शिक्षण की विधियां
पर्यावरण अध्ययन
पर्यावरण अध्ययन में बच्चे और उसके आसपास के प्राकृतिक एवं सामाजिक वातावरण से संबंधित विषय शामिल होते हैं।
मुख्य विषय:
- परिवार और मित्र
- भोजन
- आवास
- पानी
- यात्रा
- आसपास का वातावरण
- पौधे
- जीव-जंतु
- स्वास्थ्य
- स्वच्छता
- प्राकृतिक संसाधन
- पर्यावरण संरक्षण
- स्थानीय परिवेश
- पर्यावरण अध्ययन की शिक्षण पद्धति
JTET 2026 Paper 2 Syllabus
Paper 2 में बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा-1, भाषा-2 के साथ अभ्यर्थी के विषय के अनुसार विषय-वस्तु और शिक्षणशास्त्र की तैयारी करनी होती है।
गणित
मुख्य विषय:
- संख्या
- पूर्णांक
- भिन्न
- दशमलव
- अनुपात और समानुपात
- प्रतिशत
- बीजगणित
- ज्यामिति
- क्षेत्रमिति
- आंकड़े
- ग्राफ
- दैनिक जीवन की गणितीय समस्याएं
- गणित शिक्षण की विधियां
विज्ञान
विज्ञान के अंतर्गत भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान की आधारभूत अवधारणाओं पर ध्यान देना चाहिए।
मुख्य विषय:
- पदार्थ
- बल और गति
- ऊर्जा
- प्रकाश
- ध्वनि
- विद्युत
- पौधे
- जीव-जंतु
- मानव शरीर
- स्वास्थ्य
- पर्यावरण
- प्राकृतिक संसाधन
- विज्ञान शिक्षण
सामाजिक अध्ययन/सामाजिक विज्ञान
सामाजिक विज्ञान में इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र और अर्थव्यवस्था से संबंधित विषय शामिल होते हैं।
मुख्य विषय:
- प्राचीन भारत
- मध्यकालीन भारत
- आधुनिक भारत
- भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन
- भारतीय संविधान
- लोकतंत्र
- शासन व्यवस्था
- नागरिक शास्त्र
- भारत का भूगोल
- झारखंड का भूगोल
- प्राकृतिक संसाधन
- अर्थव्यवस्था
- सामाजिक विज्ञान शिक्षण
कंप्यूटर ज्ञान
JTET 2026 के Paper 2 में कंप्यूटर ज्ञान का भाग भी महत्वपूर्ण है।
मुख्य विषय:
- कंप्यूटर की मूल जानकारी
- Hardware
- Software
- Operating System
- Internet
- MS Office
- डिजिटल शिक्षा
- साइबर सुरक्षा की मूल जानकारी
JTET 2026 में भाषा
- JTET में भाषा-1 और भाषा-2 का महत्वपूर्ण स्थान है। अभ्यर्थियों को उपलब्ध भाषा विकल्पों और JAC द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार भाषा का चयन करना होता है।
- भाषा विकल्पों में हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, संस्कृत तथा झारखंड की विभिन्न क्षेत्रीय एवं जनजातीय भाषाएं शामिल हैं।
- क्षेत्रीय एवं जनजातीय भाषाओं में कुड़ुख, मुंडारी, हो, खड़िया, संथाली, भूमिज, नागपुरी, पंचपरगनिया, बांग्ला, ओड़िया, खोरठा और कुरमाली आदि शामिल हैं।
- अभ्यर्थियों को भाषा का चयन करने से पहले JTET 2026 की आधिकारिक अधिसूचना और syllabus को जरूर देखना चाहिए।
JTET 2026 की तैयारी कैसे करें?
JTET की तैयारी के लिए सबसे पहले आधिकारिक syllabus को विषयवार बांट लेना चाहिए। इसके बाद प्रत्येक विषय के महत्वपूर्ण अध्यायों को पूरा करके नियमित रूप से MCQ का अभ्यास करना चाहिए।
- Paper 1 के अभ्यर्थी बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा, गणित और EVS पर विशेष ध्यान दें।
- Paper 2 के अभ्यर्थी बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र और भाषाओं के साथ अपने मुख्य विषय की गहन तैयारी करें।
- तैयारी के दौरान पिछले वर्षों के प्रश्नों, मॉडल पेपर और विषयवार MCQ का अभ्यास करना भी उपयोगी रहेगा।
JTET 2026 के लिए महत्वपूर्ण बातें
JTET 2026 में दो पेपर होते हैं। Paper 1 कक्षा 1 से 5 और Paper 2 कक्षा 6 से 8 के लिए होता है। दोनों पेपरों में कुल 150 अंक निर्धारित हैं।
अभ्यर्थियों को परीक्षा की तैयारी करते समय केवल सामान्य जानकारी पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। JAC द्वारा जारी आधिकारिक notification और syllabus को अंतिम आधार मानना चाहिए।
Note-
- JTET का पूरा नाम Jharkhand Teacher Eligibility Test है।
- JTET का आयोजन Jharkhand Academic Council यानी JAC द्वारा किया जाता है।
- JTET Paper 1 कक्षा 1 से 5 के लिए होता है।
- JTET Paper 2 कक्षा 6 से 8 के लिए होता है।
- दोनों पेपरों में कुल 150 अंक निर्धारित हैं।
- Paper 1 में बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा-1, भाषा-2, गणित और पर्यावरण अध्ययन शामिल हैं।
- Paper 2 में बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा-1, भाषा-2 और विषय आधारित भाग शामिल होता है।





