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झारखण्ड में अंग्रेजों का प्रवेश कब हुआ था ?

On: September 19, 2026 8:20 AM
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झारखंड में अंग्रेजों का प्रवेश सबसे सिंहभूम क्षेत्र की ओर से हुआ था। 1760 ई. में ही ईस्ट इंडिया कंपनी का पश्चिम बंगाल-झारखंड से सटे मिदनापुर पर कब्जा हो चुका था। उसी समय से सिंहभूम सहित बंगाल के सीमा से सटे झारखंड के क्षेत्रों में अंग्रेज अपनी शक्ति तथा प्रभाव का विस्तार करने लगे थें। उस वक्त सिंहभूम के प्रमुख राज्यों में – ढालभूम ( ढाल राजाओं का ) , पोरहाट ( सिंह राजाओं का ) , कोल्हान ( हो लोगों का ) ,।।आदि उल्लेखनीय हैं। बार-बार मराठों के आक्रमण के कारण इन राज्यों को पहले बंगाल फिर बिहार तथा बाद में अंग्रेजों के प्रभाव से मुक्ति मिल चुकी थी। किन्तु मार्च, 1766 ई. में ईस्ट इंडिया कंपनी सरकार ने तय किया कि सिंहभूम के राजागण कंपनी की अधीनता स्वीकार कर लेते है और नियमित रूप से वार्षिक कर की अदायगी को तैयार हों जाते हैं, तो उनके विरुद्ध बल प्रयोग नहीं किया जाएगा। यदि ऐसा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ बल प्रयोग किया जाएगा। सिंहभूम के राजाओं द्वारा कंपनी की शर्तों को इंकार करने पर जनवरी, 1767 ई. में फार्ग्यूसन को सिंहभूम पर आक्रमण करने का जिम्मा सौंपा गया था। अतः अंग्रेजों का प्रवेश झारखंड में जनवरी, 1767 ई. में हुआ था।

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