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जलियांवाला बाग हत्याकांड

By NPA
On: April 14, 2026 3:57 AM
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प्रस्तावना

जलियांवाला बाग हत्याकांड भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास का सबसे वीभत्स और अमानवीय अध्याय है। 13 अप्रैल 1919 को बैसाखी के दिन, ब्रिटिश जनरल डायर द्वारा निर्दोष लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी करवाई गई, जिसमें सैकड़ों भारतीय मारे गए। यह घटना भारतीय जनमानस को झकझोर देने वाली थी और इसने स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा दी।

पृष्ठभूमि

रॉलेट एक्ट (1919)

  • बिना मुकदमा या अपील के किसी को भी गिरफ़्तार करने की अनुमति
  • भारत में व्यापक विरोध – महात्मा गांधी के नेतृत्व में
  • पंजाब में विशेष रूप से आक्रोश, प्रदर्शन और सभाएं होने लगीं

अमृतसर की स्थिति

  • 10 अप्रैल 1919: सत्यपाल और सैफुद्दीन किचलू को गिरफ़्तार किया गया
  • विरोध में अमृतसर में भारी जनसभा आयोजित की गई
  • ब्रिटिश प्रशासन ने शहर में सार्वजनिक सभाओं पर रोक लगा दी थी

13 अप्रैल 1919 – हत्याकांड का दिन

  • स्थान: जलियांवाला बाग, अमृतसर (एक संकरी गली से प्रवेश)
  • बैसाखी के पर्व पर हज़ारों लोग (महिलाएं, बच्चे, किसान) एकत्र हुए
  • जनरल रेगिनाल्ड डायर ने निहत्थे लोगों पर बिना चेतावनी गोली चलवा दी
  • 10 मिनट में लगभग 1650 गोलियाँ दागी गईं
  • सरकारी आँकड़ा: 379 लोग मरे
  • गैर-सरकारी आँकड़े: 1000 से अधिक मौतें और कई घायल
  • बाग के दरवाजे बंद कर दिए गए – कोई भाग नहीं सका

घटना के बाद की प्रतिक्रिया

भारत में प्रतिक्रिया

  • देशभर में आक्रोश
  • रवीन्द्रनाथ टैगोर ने “नाइटहुड की उपाधि” लौटा दी
  • गांधी जी ने अंग्रेजी सरकार के प्रति विश्वास खो दिया
  • स्वतंत्रता आंदोलन और उग्र हुआ

ब्रिटिश सरकार की प्रतिक्रिया

  • हंटर कमेटी गठित
  • डायर को सेना से हटाया गया, लेकिन ब्रिटिश संसद में उसे कुछ लोगों ने “नायक” कहा
  • भारतीयों की भावनाओं की पूरी तरह उपेक्षा की गई

जलियांवाला बाग का महत्व

  • यह स्थान भारतीय बलिदान और संघर्ष का प्रतीक बन गया
  • 1951 में इसे स्मारक बनाया गया
  • आज भी वहाँ शहीदी कुआं और गोली के निशान देखे जा सकते हैं

निष्कर्ष

जलियांवाला बाग हत्याकांड ने भारतीयों के मन में अंग्रेज़ी शासन की क्रूरता की असली तस्वीर उजागर कर दी। यह घटना भारत के स्वतंत्रता संग्राम को केवल तेज़ ही नहीं करती है, बल्कि यह हमें यह भी याद दिलाती है कि स्वतंत्रता की कीमत बहुत भारी होती है। यह बलिदान हमें हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।

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