Nilamber Pitamber Academy

Fit India Sundays on Cycle का 75वां मेगा संस्करण 24 मई को, 8,000 से ज्यादा जगहों पर एक साथ होगी साइकिल रैली

भारत में फिटनेस को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। 24 मई 2026 को देशभर में ‘फिट इंडिया संडेज़ ऑन साइकिल’ (Fit India Sundays on Cycle) का 75वां मेगा संस्करण आयोजित किया जाएगा। खास बात यह है कि यह आयोजन राष्ट्रमंडल खेल दिवस के अवसर पर हो रहा है, जिसे अहमदाबाद में प्रस्तावित 2030 राष्ट्रमंडल खेलों और भारत की ओलंपिक तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

इस बार की थीम “Pedalling to 2030 – एक स्वस्थ भारत की ओर साइकिल यात्रा” रखी गई है। कार्यक्रम का आयोजन युवा मामले और खेल मंत्रालय (MYAS), साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (CFI) और MY Bharat प्लेटफॉर्म के सहयोग से किया जा रहा है।

8,000 से ज्यादा स्थानों पर एक साथ होगा आयोजन

देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 8,000 से अधिक स्थानों पर एक साथ साइकिल रैलियां और फिटनेस गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। यह आयोजन केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गांवों और दूरदराज के इलाकों तक इसकी पहुंच होगी।

सरकार का लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा लोग साइकिलिंग को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाएं और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।

क्या है ‘Fit India Sundays on Cycle’ अभियान?

‘फिट इंडिया संडेज़ ऑन साइकिल’ भारत सरकार की एक राष्ट्रीय फिटनेस पहल है, जिसका उद्देश्य लोगों को शारीरिक रूप से सक्रिय बनाना और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देना है।

इस अभियान की शुरुआत 17 दिसंबर 2024 को की गई थी। यह ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ का विस्तारित रूप है, जिसकी शुरुआत 29 अगस्त 2019 को हुई थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन “फिटनेस का डोज, आधा घंटा रोज” को ध्यान में रखते हुए यह अभियान हर रविवार आयोजित किया जाता है।

क्यों जरूरी बन गया है यह अभियान?

आज के समय में शहरी जीवनशैली तेजी से गतिहीन (Sedentary Lifestyle) होती जा रही है। घंटों मोबाइल और लैपटॉप पर समय बिताने से मोटापा, मधुमेह और हृदय संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं।

ऐसे में साइकिल चलाना एक आसान, सस्ता और प्रभावी व्यायाम माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार नियमित साइकिलिंग:

  • हृदय को मजबूत बनाती है
  • मानसिक तनाव कम करती है
  • कैलोरी बर्न करने में मदद करती है
  • शरीर की सहनशक्ति बढ़ाती है
  • मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है

MY Bharat पोर्टल से जुड़ा है पूरा अभियान

इस पहल को डिजिटल प्लेटफॉर्म MY Bharat और Fit India Mobile App से जोड़ा गया है। कोई भी नागरिक, स्कूल, कॉलेज या संस्था मुफ्त पंजीकरण कर अपने क्षेत्र में साइकिल कार्यक्रम आयोजित कर सकती है।

युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए देशभर में 4,000 से ज्यादा “नमो फिट इंडिया साइकिलिंग क्लब” बनाए गए हैं, जो हर रविवार स्थानीय स्तर पर साइकिल रैली आयोजित करते हैं।

दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचा अभियान

यह अभियान अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहा। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) केंद्रों, खेलो इंडिया केंद्रों और राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों में भी इसका आयोजन लगातार हो रहा है।

लद्दाख के कारगिल, मणिपुर के उत्लौ, पंजाब और असम जैसे क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में लोग इसमें भाग ले रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी भी कर चुके हैं तारीफ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 117वें एपिसोड में इस अभियान की सराहना की थी। इसके बाद यह अभियान तेजी से राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय हुआ।

अब तक:

  • 2 लाख से अधिक स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित हो चुके हैं
  • 25 लाख से ज्यादा लोग इसमें भाग ले चुके हैं

पर्यावरण संरक्षण में भी मददगार

यह पहल केवल फिटनेस तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ी हुई है। सरकार शहरों में गैर-मोटरीकृत परिवहन (Non-Motorized Transport) को बढ़ावा देना चाहती है।

साइकिलिंग बढ़ने से:

  • कार्बन उत्सर्जन कम होगा
  • वायु प्रदूषण घटेगा
  • ईंधन की बचत होगी
  • सतत विकास लक्ष्यों (SDG 11 और SDG 13) को मजबूती मिलेगी

हर वर्ग की भागीदारी बना रही खास

इस अभियान में स्कूली बच्चों, युवाओं, डॉक्टरों, पुलिसकर्मियों, सरकारी कर्मचारियों, सेना और वरिष्ठ नागरिकों तक की भागीदारी देखी जा रही है।

हर सप्ताह अलग-अलग थीम पर रैलियां भी आयोजित की जाती हैं, जिनमें सड़क सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण और तिरंगा रैली जैसी गतिविधियां शामिल रहती हैं।

भारत को फिट बनाने की बड़ी पहल

‘फिट इंडिया संडेज़ ऑन साइकिल’ अब सिर्फ एक साइकिल रैली नहीं, बल्कि देशभर में फिटनेस और जागरूकता का बड़ा जन-आंदोलन बन चुका है। 75वें मेगा संस्करण के जरिए सरकार 2030 राष्ट्रमंडल खेलों और भविष्य के ओलंपिक विजन के लिए खेल संस्कृति को मजबूत करने का संदेश देना चाहती है।