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विकसित भारत 2047 का डिजिटल विज़न “DPI@2047: विकसित भारत के लिए रणनीतिक रोडमैप”

हाल ही में नीति आयोग के फ्रंटियर टेक हब द्वारा “DPI@2047: विकसित भारत के लिए रणनीतिक रोडमैप” रिपोर्ट जारी की गई है। इस रिपोर्ट में भारत को 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और 18,000 डॉलर प्रति व्यक्ति आय तक पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) को विकास का मुख्य आधार माना गया है, जो देश की आर्थिक और सामाजिक संरचना को मजबूत करेगा।

DPI 2.0 और DPI 3.0

रिपोर्ट में भारत की डिजिटल यात्रा को दो चरणों में विभाजित किया गया है। DPI 2.0 (2025–2035) का उद्देश्य नागरिकों को सक्षम बनाकर “कल्याणकारी योजनाओं” से “आजीविका आधारित समृद्धि” की ओर बढ़ना है। इसमें खासतौर पर निम्न और मध्यम आय वर्ग की बाधाओं को दूर करने पर जोर दिया गया है।
वहीं DPI 3.0 (2035–2047) का लक्ष्य “समावेशी समृद्धि” है, जिसमें जमीनी स्तर पर नवाचार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देकर भारत को आत्मनिर्भर और विकसित डिजिटल राष्ट्र बनाना शामिल है।

क्षेत्रमुख्य उद्देश्य
MSME विकासडिजिटल प्लेटफॉर्म से बाजार विस्तार और रोजगार वृद्धि
कृषिकिसानों को डिजिटल सलाह, बाजार और ऋण की सुविधा
शिक्षास्थानीय भाषाओं में गुणवत्तापूर्ण और डिजिटल शिक्षा
स्वास्थ्यसभी के लिए सुलभ और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं
वित्तीय समावेशनबिना गारंटी के छोटे ऋण और डेटा आधारित फाइनेंस
ऊर्जानवीकरणीय ऊर्जा और स्थानीय ऊर्जा बाजार
लाभ वितरणबिना आवेदन के पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ

कार्यान्वयन रणनीति

रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में DPI का GDP में योगदान लगभग 1% है, जिसे 2030 तक 4.2% तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए AI का लोकतंत्रीकरण, डेटा शेयरिंग को बढ़ावा, राज्य-आधारित विकेंद्रीकृत क्रियान्वयन और जिला स्तर पर नवाचार जैसे चार प्रमुख स्तंभ निर्धारित किए गए हैं।
अंततः यह रोडमैप भारत को “मिडिल इनकम ट्रैप” से बाहर निकालने और उत्पादकता बढ़ाने में सहायक होगा। साथ ही यह एक ऐसी डिजिटल सभ्यता की नींव रखेगा, जहाँ ग्रामीण और शहरी भारत के बीच की खाई समाप्त हो जाएगी।