हाल ही में लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने पाँच नए जिलों के गठन को औपचारिक मंजूरी दे दी है। इससे पहले अगस्त 2024 में गृह मंत्रालय से सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी थी। इस निर्णय के बाद लद्दाख में जिलों की संख्या 2 (लेह और कारगिल) से बढ़कर 7 हो गई है। यह कदम प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और दूरस्थ क्षेत्रों तक शासन की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
नए जिलों का परिचय
नए बनाए गए जिलों में ज़ांस्कर, द्रास, नुब्रा, चांगथांग और शाम शामिल हैं। ज़ांस्कर और द्रास को कारगिल से अलग किया गया है, जबकि नुब्रा, चांगथांग और शाम लेह जिले से बनाए गए हैं। ये सभी जिले अपनी भौगोलिक, सांस्कृतिक और सामरिक विशेषताओं के कारण खास महत्व रखते हैं—जैसे नुब्रा सियाचिन क्षेत्र के कारण रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, वहीं चांगथांग चीन सीमा से सटा हुआ है। शाम क्षेत्र कृषि और फल उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।
| जिला | मूल जिला | मुख्यालय | विशेषता |
|---|---|---|---|
| ज़ांस्कर | कारगिल | पदुम | दुर्गम क्षेत्र, बौद्ध संस्कृति |
| द्रास | कारगिल | रणबीरपुरा | अत्यधिक ठंडा, सामरिक महत्व |
| नुब्रा | लेह | डिस्कित | सियाचिन के पास, पर्यटन केंद्र |
| चांगथांग | लेह | न्योमा | LAC सीमा, पश्मीना उत्पादन |
| शाम | लेह | खाल्त्से | कृषि और फल उत्पादन क्षेत्र |
कानूनी प्रक्रिया और महत्व
लद्दाख एक केंद्र शासित प्रदेश होने के कारण यहाँ जिलों का गठन केंद्र सरकार के नियंत्रण में होता है। यह प्रक्रिया जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के तहत पूरी की गई, जिसमें उपराज्यपाल को प्रशासनिक सीमाओं में बदलाव का अधिकार है। नए जिलों के गठन से प्रशासनिक विकेंद्रीकरण, सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा मजबूत करने, पर्यटन और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति और पहचान के संरक्षण में भी मदद मिलेगी।