
भारतीय नौसेना में एक महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन के तहत वाइस एडमिरल संजय वात्सायन ने 30 मई 2026 को मुंबई स्थित पश्चिमी नौसेना कमान (Western Naval Command) के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पदभार ग्रहण किया। उन्होंने इस पद पर वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन का स्थान लिया है। इससे पहले वह भारतीय नौसेना के 47वें वाइस चीफ ऑफ नेवल स्टाफ के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
वाइस एडमिरल संजय वात्सायन को 1 जनवरी 1988 को भारतीय नौसेना में कमीशन प्राप्त हुआ था। तीन दशक से अधिक लंबे सैन्य करियर के दौरान उन्होंने नौसेना के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए संगठन की संचालन क्षमता और रणनीतिक मजबूती में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
पश्चिमी नौसेना कमान भारतीय नौसेना की सबसे महत्वपूर्ण परिचालन कमानों में से एक मानी जाती है। इसका मुख्यालय मुंबई में स्थित है और यह भारत के पश्चिमी समुद्री तट तथा अरब सागर क्षेत्र में नौसैनिक सुरक्षा और अभियानों की जिम्मेदारी संभालती है। देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा, व्यापारिक समुद्री मार्गों की निगरानी तथा सामरिक हितों की रक्षा में इस कमान की भूमिका अत्यंत अहम है।
गनरी और मिसाइल प्रणाली के विशेषज्ञ वाइस एडमिरल वात्सायन ने अपने करियर में कई प्रमुख युद्धपोतों की कमान संभाली है। इनमें आईएनएस विभूति, आईएनएस नाशक, आईएनएस कुठार और आईएनएस सह्याद्रि जैसे युद्धपोत शामिल हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने नौसेना मुख्यालय, एकीकृत रक्षा स्टाफ, सहायक नौसेना प्रमुख (नीति एवं योजना) तथा पूर्वी बेड़े के कमांडर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य किया है।
देश के प्रति उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक (PVSM), अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) और नौ सेना पदक (NM) से सम्मानित किया जा चुका है। ये पुरस्कार भारतीय सशस्त्र बलों में विशिष्ट एवं उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किए जाते हैं।
वाइस एडमिरल संजय वात्सायन की नियुक्ति भारतीय नौसेना के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता से पश्चिमी नौसेना कमान की परिचालन शक्ति और समुद्री सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।









