भारतीय संविधान के अनुच्छेद संबंधी महत्वपूर्ण तथ्य :
• संविधान सभा द्वारा अन्तिम रूप से पारित संविधान में कुल 395 अनुच्छेद तथा 8 अनुसूचियाॅं हैं।
• वर्तमान समय में भारतीय संविधान में गणना की दृष्टि से कुल 395 अनुच्छेद तथा 12 अनुसूचियाॅं हैं।
• वर्तमान में भारतीय संविधान में धाराओं की कुल संख्या 395 हैं।
• संविधान के अनुच्छेद – 2 में यह अंकित है कि इण्डिया अर्थात ‘ भारत राज्यों का एक संघ होगा ‘ ।
• भारतीय संविधान के अनुच्छेद – 1 में ‘ इंडिया दैट इज भारत शैल बी अ यूनियन ऑफ स्टेट्स ‘ उल्लेखित है।
• भारतीय संविधान के अनुच्छेद 5 – 11 में नागरिकता सम्बंधित प्रावधान है।
• भारतीय संविधान के अनुच्छेद 15 से 35 तक द्वारा नागरिकों को मूल अधिकार निश्चितता प्रदान करता है।
• नौकरियों तथा शैक्षणिक संस्थानों में समाज के कमजोर वर्ग के लिए आरक्षण उपलब्ध कराने के लिए केन्द्र सरकार को संविधान के अनुच्छेद – 16 अधिकार प्रदान करता है।
• संविधान के अनुच्छेद – 17 अस्पृश्यता का उन्मूलन करता है तथा किसी भी रूप में इसके आचरण का निषेध करता है।
• संविधान के अनुच्छेद – 19 के अंतर्गत भाषण एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार की गारंटी दी गई है।
• भारतीय संविधान के अनुच्छेद – 19 (i) में ‘ प्रेस की स्वतंत्रता ‘ दी गई है।
• मौलिक अधिकार के अंतर्गत अनुच्छेद – 24 बच्चों के शोषण से सम्बंधित है।
• भारतीय संविधान के अनुच्छेद – 29 में अल्पसंख्यकों के हितों के संरक्षण की व्यवस्था है।
• संविधान के अनुच्छेद – 32 के अंतर्गत भारत का सर्वोच्च न्यायालय नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है।
• भारतीय संविधान के अनुच्छेद 36 से 51 तक में राज्य के नीति निर्देशक तत्वों का उल्लेख है।
• संविधान के अनुच्छेद – 40 राज्य सरकार को ग्राम पंचायत के गठन का निर्देश देता है।
• 42वें संशोधन द्वारा संविधान के अनुच्छेद – 51 A में मौलिक कर्तव्यों को जोड़ा गया है।
• संविधान के अनुच्छेद – 51 A में मौलिक कर्तव्यों की चर्चा की गई है।
• भारत के संविधान के अनुच्छेद – 61 में भारत के राष्ट्रपति के महाभियोग के प्रावधानों के बारे में उल्लेख किया गया है।
• संविधान के अनुच्छेद – 63 में उपराष्ट्रपति पद का प्रावधान किया गया है।
• संविधान के अनुच्छेद – 75 के अंतर्गत मंत्रिगण सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी हैं।
• संविधान के अनुच्छेद – 75 मंत्रिपरिषद के गठन के बारे में आधारभूत नियम निर्धारित करता है।
• भारत के महान्यायवादी की नियुक्ति से सम्बंधित अनुच्छेद – 76 है।
• संविधान के अनुच्छेद – 85 के अंतर्गत भारत के संसद के दो अधिवेशनों के बीच 6 माह के अन्तराल की अनिवार्यता का उल्लेख है।
• राष्ट्रपति संविधान के अनुच्छेद – 85 के अंतर्गत लोकसभा को भंग कर सकता है ।
• अनुच्छेद – 108 के द्वारा संसद की संयुक्त बैठक का प्रावधान किया गया है।
• लोकसभा एवं राज्य सभा के संयुक्त अधिवेशन के विषय में प्रावधानों का उल्लेख अनुच्छेद – 108 में किया गया है।
• धन विधेयक भारतीय संविधान के अनुच्छेद – 110 में परिभाषित किया गया है।
• संविधान के अनुच्छेद – 124 में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश पर महाभियोग चलाये जाने का प्रावधान है।
• राष्ट्रपति सर्वोच्च न्यायालय से संविधान के अनुच्छेद – 143 के अंतर्गत परामर्श ले सकता है।
• अनुच्छेद – 32 अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालय को न्यायिक पुनरावलोकन की शक्ति प्रदान करता है।
• संविधान के अनुच्छेद – 233 के अंतर्गत अधीनस्थ न्यायालय या जिला न्यायालय का प्रावधान किया गया है।
• संविधान के अनुच्छेद – 248 के तहत अवशिष्ट शक्तियां केन्द्र के पास हैं।
• राज्यों द्वारा प्रार्थना करने पर भारत की संसद उन राज्यों के लिए अनुच्छेद – 252 के अंतर्गत कानून बना सकती है।
• अनुच्छेद – 249 के अंतर्गत राज्य सभा, संसद को 2/3 बहुमत से राज्य के किसी विषय पर कानून बनाने के लिए अधिकृत कर सकती हैं।
• केन्द्र – राज्य के प्रशासनिक सम्बन्ध भारतीय संविधान के अनुच्छेद – 256 – 263 में वर्णित है।
• संविधान के अनुच्छेद – 256 के अंतर्गत केन्द्र सरकार राज्य सरकारों को निर्देश दे सकती है।
• संविधान के अनुच्छेद – 280 के अंतर्गत वित्त आयोग के गठन का प्रावधान है।
• संविधान के अनुच्छेद – 311 द्वारा लोक सेवाओं को संरक्षण प्रदान किया गया है।
• संविधान के अनुच्छेद – 315 द्वारा संघ और राज्यों के लिए लोक सेवा आयोग का प्रावधान किया गया है।
• संविधान का अनुच्छेद – 312 अखिल भारतीय सेवाओं से संबंधित है।
• संघ लोक सेवा आयोग के कार्यों का उल्लेख अनुच्छेद – 320 के अंतर्गत आता है।